एक सम्मान का अपमान
आज यू ही चेक किया यूट्यूब तो एक न्यूज ने आँख थाम लिया। 'आडवाणी जी को भारत रत्न दिया जाएगा' । मैंने मात्र थम्बनेल देखा, वीडियो देखने का समय और उत्साह दोनों नहीं था। किंतु यह ख्याल दिमाग मे अटक गया कि आखिर भारत रत्न, 'भारत रत्न क्यो बना ?' कि आज लोग उसको मुआवजा के तरह बाट रहे हैं। कोई उपाधि और सम्मान यहां तक ऐसे नहीं पहुचा । पीछे कुछ कारक और कारण रहे होंगे। भारत रत्न कुछ समय पहले जिसको जिसको भी मिला था, वो लोग भारत रत्न के मोहताज नहीं थे अपितु भारत रत्न स्वयं उनको मिलने के बाद चमक उठा था। अटल जी भी इसी क्रम के हैं। कर्पूरी ठाकुर भी । किंतु आडवाणी जी... मन नहीं मानता। एक सम्मान का अपमान किया जा रहा है।