अमृता इमरोज़



इमरोज़ की डेथ हो गयी। अमृता का आशिक़ इमरोज़, आर्टिस्ट इमरोज़ नहीं। इमरोज़ ने लिखा है, अमृता के बारे में 

"अमृता कुछ न कुछ लिखती रहती थी, चाहे उसके हाथ मे कलम हो या नहीं। स्कूटर पर जातें हुए उसने उंगली से कितनी बार, मेरे पीठ पर साहिर का नाम लिखी है।"

आप जिससे मोहब्बत करते हो, अपनी पीठ पर उसके हाथ से, किसी और का नाम लिखवाना, बिन कुछ बोले।

यह आपका दिल कितना छिल सकता है... इसका खरोच 💔🌸

*अगर आप ऊपर लिखें किरदारो को नहीं जानते ...तो एक बार पढ़ लीजिए, यूट्यूब पर चेक कर लीजिए। शायद जीवन मे कुछ ऐसा मिल जाएं जिसको लेकर आप चैन से मर सके 🙏❣️

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