All India Rank

All India Rank -जो कि Varun Grover ने डायरेक्ट की है- देखने गया। वरुण ग्रोवर  सेक्रेड गेम लिखें, जिया हो बिहार के लाला भी लिखें। फिर भी यह कहानी उन्होंने कही, इसके पीछे भी एक कहानी है।  

यह मूवी आई आई टी एस्पिरेन्ट फैमिली के ऊपर बनी है। और इस मूवी को चलाता है बच्चा। बच्चा जो कि अभी ट्वेल्थ पास हुआ है अच्छे नम्बरों से। जिसके पिता जी उसको आई आई टी में भर्ती करवाने के लिए कोटा भेजते है।
कहानी कोटा के  बनने के शुरुवाती दिनों की है। बच्चा कोटा पहुचता है। पिता जी फोन करते हैं कि -' ऑल इंडिया रेंक ' क्या सोचे हो? 
बच्चा सोचता है, और बोलता है, सोच कर - कुछ भी नहीं । यह आई आई टी की कहानी इस लिए भी नहीं है क्यों कि इसमें आई आई टी उतना है ही नहीं ।  मात्र कोटा है। प्रेम है, और पीड़ा है। पीड़ा कहानी में धीरे धीरे पसरती जाती है। और उसी में खुशी भी।  कि कहानी का मुख्य पत्र सबमे पराजित होता है किंतु प्रेम उसको मिल जाता है। अधिकांश कहानी ने  कहानी में कोटा तो है किंतु आई आई टी नहीं है। विज्ञान है, पढ़ाई है। पढ़ाई को आनंद के सीमा तक टच करती है कहानी । 

इस कहानी में एक आई आई टियन के द्वारा आई आई टी का भरम टूटा है। जहाँ उसके पिता जी ने शुरू शुरू में ट्रेन में बैठते वक़्त यह बोला होता है कि- आई आई ए का बच्चा बरमुंडा चप्पल में भी जेंटल में लगता है। 

यह कहानी एक और कहानी नहीं है आई आई टी और कोटा पर। यह कहानी और कहानी है। इसके कहानी में कुछ अलग अलग फेज है। 

- Divyansh  Pathak




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