अब यह औरत - Wow men's Day

उन दिनों मैं अक्सर अपने व्हाट्सएप स्टोरी पर, इंस्टाग्राम पर कुछ न कुछ लिख कर पोस्ट करता था। इंगेजमेंट बनाने के लिए । किंतु उन्ही दिनों आठ मार्च को मेरे वाल पर कोई अपडेट नहीं था। तो एक दोस्त ने मैंसेज कर के मुझे याद दिलाया कि 'ओये, आज वोमेन्स डे है" 
मैंने कहा- तो? 
उंसने कहाँ- तुम जानते हो... और कोई पोस्ट नहीं डाले... ?
मैंने कहाँ - नहीं... 
और चैट वहीं खत्म हो गयी। 
मैंने  फिर उसको एक घंटे बाद मैसेज किया, इन्ही पंक्तियों के साथ

वो एक जिस्म है, एक जान है, एक हस्ती है
साल दर साल मनाने का बस रिवाज़ नहीं
ना जाने कब इस जमाने को समझ आएगा
अब औरत  किसी दिन की मोहताज़ नहीं

- दिव्यांश पाठक

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